Thursday, June 28, 2018

हंसी के गुब्बारे – हंस हंस के गिर जाओगे

एक साधू तपस्या में बैठा था और उसके थोड़े दूर एक शिकारी शिकार करने आया और उसने एक भुंड पर निशान रखकर तीर छोड़ा निशान चुक गया और भुंड बचके निकल गया ऐसे में शिकारी बोला बेंचो निशान चुक गया…
साधू को गुस्सा आया और शिकारी को बोला ऐसे शब्दों का प्रयोग मत करो…
शिकारी ने फिर से एक जानवर पर निशान लगाया और फिर से वो निशान चुक गया और जानवर बचके निकल गया…
शिकारी फिर से बोला उसकी माँ का भो… फिर से निशान चुक गया…
और ऐसे में साधू बहोत गुस्सा हो गए और खड़े हुए और आसमान में देख कर बोले…
हे भगवान उपर से एक गोला फेक इसके उपर और इस पापी का नाश कर…
थोड़ी ही देर में उपर से गोला आया और साधू के चीथड़े चीथड़े उड़ गए…
शिकारी चोंक गया और आसमान की तरफ देखा तो उपर से आवाज आई उसकी बहन की… में भी निशान चुक गया…

गुज्जू हंसी
गई काले स्कूल नि एक फ्रेंड मली
में किधू ओलखान पड़ी आपदे जोड़े भणता हता…?
छोकरी : भणती तो हु हती तू तो अंगूठा पकड़तो तो…

मंदिर न पुजारी ने जाड़ा थे गया दावा लेती वखते पुजरिये डॉक्टर ने पूच्यु कई वात नु ध्यान रखवानु ?
डॉक्टर शंख जोर थी न वगाडता
रघलो : भाई पथरी थे होय तो क्यानी मानता रखाय ?
भाई : नानी थे होय तो दिव नि आने मोटी थय होय तो दमण नि…
एक दोस्त दुसरे दोस्त से : भाई आपकी और भाभी की जोड़ी सीता और राम जैसी है,
दूसरा दोस्त हा यार ऐसा ही है, पर नाही उसको कोई रावण ले जा रहा है,
और नाही वो धरती में समां जाती है,
तो दोस्तों कैसा लगा हमारा ये नया हंसी का लेख अच्चा लगा ना शेयर करना भूले नहीं निचे से शेयर करे

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